सुबह सुबह पड़ोस की बस्ती के बच्चे सोसाइटी कंपाउंड में चले आये हैं। सब की नज़र से बच कर किसी के भी उठने से पहले, पटाखों के कचरे में से कुछ बचे हुए पटाखे चुनने।
ये पटाखे उनके लिए सोने के सिक्कों से हैं। अब वो अपनी दीवाली मनाएंगे
~नकुल गौतम
मेरा नाम इतना भी कॉमन नहीं है कि किसी और की जगह मुझे ईमेल आ जाए। फिर दफ्तर में हमारा इंटरेक्शन भी अब उतना नहीं था। उस दिन अचानक जब उसका ईमे...
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